सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: आजम खान की याचिका पर सुनवाई से इनकार
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से उस समय बड़ा झटका लगा, जब शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ दायर उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले में राहत के लिए याचिकाकर्ता को संबंधित उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
कपिल सिब्बल की दलील और अदालत का नजरिया
सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राहत की मांग की। सिब्बल ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आजम खान 80 वर्ष के हैं और उनकी गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें विशेष राहत दी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट में सुनवाई की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब आजम खान की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अदालत ने मामले को हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले पर 16 नवंबर तक सुनवाई होने की संभावना है। यह घटनाक्रम आजम खान के लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि ईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।











