दिल्ली में गहराता प्रदूषण संकट और 'द द फ्रीलांस' की ग्राउंड रिपोर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर आपदा का रूप लेता जा रहा है। 'द द फ्रीलांस' की विशेष खोजी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में लगातार चौथे दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। शहर के कम से कम 22 इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के खतरनाक स्तर को पार कर चुका है, जिससे शहर एक विशाल गैस चैंबर में तब्दील होता नजर आ रहा है। विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी इलाका इस समय दिल्ली का सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र बन गया है, जहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया है।
पराली का धुआं और सियासी बयानबाजी
इस गंभीर स्थिति के पीछे प्राथमिक कारणों की तलाश में जब हमारी टीम ने विभिन्न मीडिया स्रोतों और राजनीतिक बयानों को खंगाला, तो एक स्पष्ट राजनीतिक और पर्यावरणीय संघर्ष सामने आया। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि दिल्ली की हवा के बिगड़ने के मुख्य पीछे पंजाब में बड़े पैमाने पर जल रही पराली का धुआं है। उनके अनुसार, पराली के इस धुएं के कारण महज चार दिनों के भीतर ही हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है और AQI सीधे 60 से उछलकर 350 के पार पहुंच गया। हालांकि, दूसरी ओर प्रशासन और विपक्षी दल इस समस्या के समाधान के लिए एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि आम जनता जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है।











