अग्निपथ योजना में बदलाव की सुगबुगाहट
भारतीय सेना में भर्ती की 'अग्निपथ योजना' को लेकर सरकार एक बड़े नीतिगत बदलाव पर विचार कर रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अग्निवीरों के सेवाकाल को मौजूदा 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव चर्चा में है। यह बदलाव न केवल सैनिकों के कार्यकाल को प्रभावित करेगा, बल्कि उनके वेतन, भत्तों और सेवा निधि (Seva Nidhi) के ढांचे में भी व्यापक परिवर्तन ला सकता है।
दो साल का एक्सटेंशन: क्या हैं मायने?
सूत्रों के मुताबिक, सरकार अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त 'एक्सटेंशन' देने की योजना बना रही है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सेना में अनुभवी सैनिकों की संख्या को बढ़ाना और प्रशिक्षण पर होने वाले खर्च को अधिक प्रभावी बनाना है। चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद, प्रदर्शन के आधार पर सैनिकों को दो साल का विस्तार दिया जा सकता है, जिससे वे कुल छह साल तक सेना का हिस्सा बने रहेंगे।
वेतन और सेवा शर्तों पर प्रभाव
कार्यकाल बढ़ने की स्थिति में अग्निवीरों के वेतन और सेवा निधि के गणित में भी बदलाव होना निश्चित है। वर्तमान में, चार साल के कार्यकाल के लिए एक निश्चित वेतन संरचना और सेवा निधि का प्रावधान है। यदि सेवा अवधि 6 साल होती है, तो सरकार को उनके 'एग्जिट पैकेज' और भविष्य की पेंशन संबंधी नीतियों पर फिर से विचार करना होगा। इसके अलावा, सेवा के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और बीमा कवर में भी संशोधन की संभावना है।










