बाजार का विश्लेषण: सोने की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि
कोलकाता के सर्राफा बाजार में इस समय हलचल का माहौल है। धनतेरस के त्योहार के ठीक पहले सोने की कीमतों में हुई 2.2 प्रतिशत की वृद्धि ने न केवल आम खरीदारों को बल्कि निवेशकों को भी चिंता में डाल दिया है। 'द फ्रीलांस' की खोजी रिपोर्ट के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को सोने के भाव में जो उछाल देखा गया है, वह पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ता नजर आ रहा है। वर्तमान में 10 ग्राम सोने की कीमत 1.45 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गई है, जो बाजार में अनिश्चितता का संकेत है।
आर्थिक विशेषज्ञों की राय और भविष्य के अनुमान
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार विश्लेषकों के आंकड़ों का मिलान करने पर यह स्पष्ट होता है कि सोने की कीमतों में यह तेजी केवल स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक कारकों का परिणाम है। वर्ष 2025 में जहां सोने की कीमतें 1.32 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थीं, वहीं 2026 के अंत तक इनके 1.48 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। आज की स्थिति उन भविष्यवाणियों को सच साबित करती दिख रही है। कोलकाता के प्रमुख जौहरियों का कहना है कि मांग में कमी के बावजूद कीमतों में यह तेजी आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के कारण है।
कोलकाता और अन्य महानगरों की स्थिति
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे अन्य महानगरों की तरह ही कोलकाता में भी सोने के भाव में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में आए इस अंतर ने मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए धनतेरस की खरीदारी को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता अब सोने के आभूषणों के बजाय डिजिटल गोल्ड या अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।












