नई दिल्ली: 'द फ्रीलेंस' के विशेष खोजी विश्लेषण में इस बार का ट्रेंडिंग विषय देश का जिंस और शेयर बाजार, विशेषकर कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से जुड़े धातु बाजार का रुख है। धनतेरस के पावन और त्योहारी पर्व पर इस बार बाजार से एक दिलचस्प और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आमतौर पर धनतेरस के दिन सोने और चांदी की मांग में भारी उछाल के चलते इनकी कीमतों में तेजी देखी जाती है, लेकिन इस बार इसके विपरीत दोनों कीमती धातुओं के दाम धड़ाम हो गए हैं।
प्राप्त मीडिया स्रोतों और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, धनतेरस के मौके पर सोना सस्ता हुआ है और इसका भाव 1.42 लाख रुपये के करीब पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, चांदी में भी बड़ी फिसलन दर्ज की गई है। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक चांदी के भाव में 2,540 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक की भारी गिरावट देखने को मिली है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अचानक आई गिरावट ने एक तरफ जहां खरीदारों और आम जनता को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर निवेशकों और कमोडिटी बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
ग्राहक और बाजार का मूड
ग्राउंड रिपोर्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव बाजार के माहौल को देखें तो सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की भीड़ तो है, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण लोग बहुत सतर्क होकर खरीदारी कर रहे हैं। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के ताजा दरों की जांच करने के लिए ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हैं। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह गिरावट महज एक त्योहारी करेक्शन है या इसके पीछे कोई गहरी आर्थिक चाल है।
वर्ल्ड बैंक की भविष्यवाणियां और दीर्घकालिक आउटपुट
इस बीच, वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। वर्ल्ड बैंक द्वारा सोने और चांदी के भविष्य को लेकर कुछ खास आंकलन और भविष्यवाणियां सामने आई हैं, जिनमें वर्ष 2026-27 और 2028 के लिए दीर्घकालिक टारगेट दिए गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि चांदी के गुब्बारे के टूटने जैसी भविष्यवाणियां और अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार के बदलते समीकरण आने वाले दिनों में MCX शेयर प्राइस और कमोडिटी ट्रेडिंग को भारी रूप से प्रभावित कर सकते हैं।













