द फ्रीलांस के विशेष खोजी पन्नों में आज का ट्रेंडिंग विषय 'जे' (J) कई महत्वपूर्ण और सुदूर क्षेत्रों में घटित हो रही घटनाओं का केंद्रबिंदु बना हुआ है। शिक्षा व्यवस्था की सुचिता से लेकर छात्र राजनीति, स्थानीय बुनियादी ढांचे और खेल जगत तक, 'जे' अक्षर से जुड़े कई पहलू इन दिनों सुर्खियों में हैं। हमारी विशेष फील्ड रिपोर्ट टीम ने इन सभी बिंदुओं की गहराई से पड़ताल की है, जिसके चौंकाने वाले और तथ्यात्मक निष्कर्ष सामने आए हैं।
झारखंड J-TET 2026: प्रशासनिक तैयारियां और समीक्षा
शैक्षणिक मोर्चे पर, झारखंड में J-TET 2026 परीक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। प्राप्त प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, इस परीक्षा में लगभग 5.65 लाख अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं, जिसके लिए राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षልियों के शामिल होने के कारण नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसी कड़ी में आगामी 29 अक्टूबर को राज्य के मुख्य सचिव खुद इस पूरी व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करेंगे। हमारी टीम ने पाया कि शिक्षा विभाग ने सुरक्षा और पारदर्शिता के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके।
जामिया मिलिया इस्लामिया में सुरक्षा और छात्र आक्रोश
दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विश्वविद्यालय के कई गेट बंद कर दिए गए हैं और भारी मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। कैंपस के भीतर छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन (प्रोटेस्ट) और उनकी मांगों को लेकर प्रशासन सतर्क है। 'द फ्रीलांस' के संवाददाताओं ने जब मौके का जायजा लिया, तो छात्रों में अकादमिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर गहरा असंतोष दिखाई दिया। हालांकि, सुरक्षाबलों की मौजूदगी के कारण स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन छात्रों का रोष थमने का नाम नहीं ले रहा है।














