द फ्रीलैंस विशेष रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान मुरासु की दस्तक
राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। दक्षिण भारत के तटीय इलाकों को प्रभावित करने वाले 'मुरासु' चक्रवात का असर अब छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। 'द फ्रीलैंस' के फील्ड डेटा और मौसम विभाग से प्राप्त प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावनाएं बन गई हैं।
कई जिलों में यलो अलर्ट और 50 किमी की रफ्तार से हवाएं
मौसम विज्ञान केंद्र से मिले इनपुट के मुताबिक, राज्य के लगभग 15 से 19 जिलों में मुरासु तूफान के असर के चलते 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है। अगले कुछ दिनों, विशेषकर 3 से 4 नवंबर तक, कई इलाकों में झमाझम बारिश के आसार हैं। हालात यह हैं कि कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
रायपुर में तात्कालिक वर्षा के संकेत
स्थानीय रिपोर्टों और विभिन्न मीडिया स्रोतों (जैसे अमर उजाला, दैनिक भास्कर और नवभारत) से मिल रही खबरों के अनुसार, रायपुर और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में अगले कुछ घंटों के भीतर तीव्र वर्षा होने के संकेत मिले हैं। अचानक बदले इस मौसम के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है। किसानों और आम नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि अचानक होने वाली इस मानसूनी-पश्चिमी विक्षोभ जैसी बारिश से धान और अन्य फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।












