नई दिल्ली/विशाखापत्तनम: 'द फ्रीलेंस' की विशेष रिपोर्ट। देश के पूर्वी तटीय इलाकों में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। खतरनाक चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Cyclone Murasu) आखिरकार आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है। इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली विनाशकारी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है, लेकिन हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
दिवाली की रौनक पर चक्रवात का साया
त्योहारी सीजन और खासकर दिवाली के इस उल्लासपूर्ण माहौल के बीच चक्रवात 'मुरासु' के दस्तक देने से आम जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और हमारे फील्ड इनपुट्स के अनुसार, आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में रेल और हवाई यातायात को बड़े पैमाने पर रद्द करना पड़ा है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न रूटों पर कम से कम 9 से अधिक ट्रेनें पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं, जिससे अपने घर लौट रहे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उड़ानें रद्द, हवाई अड्डों पर सन्नाटा
हवाई यात्रियों की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तूफान के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत आंध्र प्रदेश और प्रभावित पड़ोसी राज्यों से लगभग 18 से 19 उड़ानों (फ्लाइट्स) को रद्द किया जा चुका है। विशाखापत्तनम और अन्य तटीय हवाई अड्डों पर दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो गई है और लगातार हो रही बारिश के कारण उड़ानों का संचालन असंभव हो गया है। विमानन कंपनियों ने यात्रियों को अपनी यात्रा की स्थिति जांचने और एहतियात बरतने की सलाह दी है।











