महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: नागपुर में कांग्रेस की ऐतिहासिक बढ़त
विदर्भ की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वैचारिक मुख्यालय नागपुर में हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के परिणाम ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस राजनीतिक गढ़ में कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर बाजी पलट दी है। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की इस धमाकेदार जीत ने राज्य में विपक्षी दलों को एक नई ऊर्जा दी है।
आरएसएस और बीजेपी के गढ़ में सियासी सेंध
'द फ्रीलांस' की विशेष खोजी रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर की सीट पर बीजेपी का लंबे समय से दबदबा रहा है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय भी है, जिसे बीजेपी का सबसे सुरक्षित किला माना जाता है। ऐसे में इस सीट पर कांग्रेस की जीत केवल एक चुनावी हार-जीत नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से एक बड़ा उलटफेर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बीजेपी के समीकरण और अंदरूनी कलह का फायदा कांग्रेस को मिला है।
'फडणवीस को डिलीट करना पड़ा पोस्ट' - कांग्रेस का तंज
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है। कांग्रेस नेताओं ने इस जीत को लेकर सत्तापक्ष पर तीखे तंज कसे हैं। यहाँ तक कि चुनाव के शुरुआती रुझानों और नतीजों के बीच सोशल मीडिया पर मचे घमासान के बाद उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपना एक कथित पोस्ट तक डिलीट करना पड़ा, जिसे लेकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र की जनता अब बदलाव चाहती है और नागपुर के परिणाम इस बात की तस्दीक करते हैं।











