भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा इन दिनों देश की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र में बने हुए हैं। एक तरफ जहां उनके प्रशासनिक फैसलों के तहत स्वास्थ्य के मोर्चे पर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों के तीखे हमले और राजनीतिक मंचों पर होने वाली बयानबाजियां भी सुर्ख़ियों में हैं। द फ्रीलांस की इस विशेष खोजी रिपोर्ट में हम जेपी नड्डा से जुड़ी हालिया प्रमुख घटनाओं का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं।
स्वास्थ्य अवसंरचना और एम्स अवंतीपोरा का लक्ष्य
प्रशासनिक मोर्चे पर, जेपी नड्डा ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के बहुप्रतीक्षित एम्स अवंतीपोरा (AIIMS Awantipora) के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया है। प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को लेकर सरकार ने दिसंबर से पहले ओपीडी (OPD) शुरू करने का लक्ष्य रखा है, जबकि पूरे संस्थान को वर्ष 2027 तक पूरी तरह से लॉन्च करने की योजना तय की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की यह पहल कशाीर क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है।
राजनीतिक मंच और 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा
दूसरी ओर, चुनावी और राजनीतिक जमीन पर भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार रैलियां और पदयात्राएं कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक व्यापक 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस जनसभा में जेपी नड्डा के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और एनडीए गठबंधन के सहयोगी दल के नेता जयंत चौधरी ने भी मंच साझा किया। इस दौरान विपक्षी दलों द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों का राजनीतिक जवाब देने की कोशिश की गई।









