चक्रवात 'अर्नब' का तांडव और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
'द फ्रीलेंस' के विशेष खोजी विश्लेषण के अनुसार, देश के तटीय और पूर्वी राज्यों में चक्रवात 'अर्नब' (जिसे कुछ स्रोतों में अनर्ब भी कहा गया है) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। चक्रवात के कारण उत्पन्न हुई इस आपातकालीन स्थिति पर देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
राहुल गांधी ने जताई गहरी चिंता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुए भारी नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने आधिकारिक बयानों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने की मांग की है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि इस कठिन समय में केंद्र और राज्य सरकारों को आपसी मतभेद भुलाकर पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचानी चाहिए, विशेषकर उन इलाकों में जहां संपर्क मार्ग टूट गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक्शन प्लान
विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात 'अर्नब' के खतरे और तबाही के मद्देनजर चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर उच्चस्तरीय बातचीत की है। गृह मंत्री ने राज्य सरकारों को आश्वस्त किया है कि केंद्र की ओर से एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें, आवश्यक राहत सामग्री और वित्तीय सहायता तुरंत मुहैया कराई जा रही है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।










