दिवाली से ठीक पहले दमघोटू हुई दिल्ली-NCR की हवा
त्योहारों के इस सीजन में जहां एक तरफ रोशनी और उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के करोड़ों लोग एक अदृश्य और गंभीर खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं। दिवाली से ठीक पहले दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार गिरकर 'गंभीर' श्रेणी के बेहद करीब पहुंच गया है। हवा की रफ्तार कम होने और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषक तत्व जमीन की सतह के करीब जम गए हैं, जिससे स्थिति लगातार विस्फोटक होती जा रही है।
GRAP-3 की सख्त पाबंदियां लागू, क्या रहेगा बंद?
बढ़ते प्रदूषण के इस विकराल रूप को देखते हुए पर्यावरण नियंत्रण प्राधिकरण और संबंधित आयोग ने तुरंत प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण (GRAP-3) को लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पूरे NCR में कई तरह की सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं ताकि हवा की गुणवत्ता को और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके। निर्माण और तोड़फोड़ के सभी कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, धूल उड़ने की संभावना वाले सभी व्यावसायिक और सार्वजनिक कार्यों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर संकट और वर्क फ्रॉम होम
बढ़ते प्रदूषण का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। एहतियात के तौर पर कई इलाकों में पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को बंद करने या ऑनलाइन कक्षाओं पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मासूमों को इस जहरीली हवा के संपर्क में आने से बचाया जा सके। इसके साथ ही, निजी और सरकारी दफ्तरों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) का विकल्प अपनाएं ताकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम हो सके और vehicular pollution पर लगाम लगाई जा सके।












