नई दिल्ली: 'द फ्रीलेंस' की विशेष खोजी रिपोर्ट। खेल की दुनिया में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, किंतु वर्तमान दौर में जिस प्रकार से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर पुराने कीर्तिमान धराशायी हो रहे हैं, उसने खेल प्रेमियों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। हाल ही में विभिन्न श्रृंखलाओं और मुकाबलों से सामने आए आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की आक्रामक शैली और रणनीति ने पारंपरिक आंकड़ों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।
ताजा घटनाक्रम में न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स एक ऐतिहासिक मुहाने पर खड़े हैं। भारत के खिलाफ आगामी पांचवें टी20 मुकाबले में फिलिप्स के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। वह एक खास वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने नाम करने से मात्र 56 रन दूर हैं। उनके हालिया तूफानी प्रदर्शन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वह इस मुकाम को हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिससे इस मुकाबले का रोमांच और अधिक बढ़ गया है।
दूसरी ओर, टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी के मोर्चे पर भी एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। दक्षिण अफ्रीका के स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने अपने देश के ही दिग्गज गेंदबाज डेल स्टेन का एक प्रतिष्ठित रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रबाडा ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम गेंदों पर 350 विकेट लेने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों की सूची में अपना नाम और अधिक मजबूत कर लिया है, जो उनकी निरंतरता और धारदार गेंदबाजी का प्रमाण है।
इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच हुए एक रोमांचक फाइनल मुकाबले में रनों का अंबार लग गया। इस मैच में कुल 656 रन बने, जिसके साथ ही लगभग 10 बड़े रिकॉर्ड टूट गए। इस मुकाबले में भारत का 24 साल पुराना एक प्रतिष्ठित वर्ल्ड रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो गया, जो यह दर्शाता है कि आधुनिक क्रिकेट में बड़े स्कोर बनाना और उनका पीछा करना अब एक नया सामान्य चलन बनता जा रहा है। इन तमाम आंकड़ों और रिकॉर्ड्स के टूटने से यह स्पष्ट होता है कि खेल का स्तर लगातार ऊंचा उठ रहा है और खिलाड़ी अपनी सीमाओं को लगातार चुनौती दे रहे हैं।













