रामनगरी अयोध्या में ऐतिहासिक और अलौकिक दीपोत्सव का आयोजन
‘द फ्रीलान्स’ के विशेष पन्ने पर आज हम बात कर रहे हैं उस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संध्या की, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अयोध्या की ओर आकर्षित किया। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या एक बार फिर त्रेतायुग की यादों को ताजा करते हुए दीपों की असीम रोशनी से जगमगा उठी। यह अवसर था भव्य दीपोत्सव का, जहां सरयू नदी के तट पर एक नया कीर्तिमान रचा गया। प्राप्त प्राथमिक जानकारियों और हमारे फील्ड संवाददाताओं से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष का दीपोत्सव पिछले सभी आयोजनों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए भव्यता के नए आयाम स्थापित कर गया है।
56 घाटों पर प्रज्वलित हुए 30 लाख दीये
खोजी पत्रकारिता के दृष्टिकोण से यदि आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो इस बार सरयू नदी के कुल 56 घाटों को दीपों की सजावट से संवारा गया था। प्रशासन और स्वयंसेवकों की महीनों की मेहनत रंग लाई जब एक साथ 30 लाख दीयों को प्रज्वलित किया गया। दीयों की इस विशाल श्रृंखला ने पूरी रामनगरी को एक स्वर्ण आभाष से भर दिया। अंतरिक्ष से भी इस भव्यता के विहंगम दृश्य देखे जाने की चर्चा आम है। सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजामों के बीच स्वयंसेवकों, महाविद्यालय के छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने इस महाअभियान में अपनी महती भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन की गरिमा को बढ़ाने के लिए देश के कई प्रतिष्ठित चेहरे अयोध्या पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर सरयू नदी के तट पर भव्य आरती की। उनके साथ उपराष्ट्रपति और प्रदेश की राज्यपाल समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस आध्यात्मिक पल के साक्षी बने। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच जब मां सरयू की आरती उतारी गई, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य को अपनी आंखों में कैद किया।











