स्मृतियों के झरोखे से: ममूटी और वीके श्रीरमन का ऊटी किस्सा
'द फ्रीलेंस' की विशेष खोजी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में मीडिया और सोशल मीडिया के गलियारों में कई अलग-अलग और विपरीत विषयों पर चर्चा गर्म है। एक तरफ जहाँ सिनेमा जगत से जुड़े दिलचस्प संस्मरण सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक और राजनीतिक बयानों पर घमासान मचा हुआ है। जाने-माने लेखक और अभिनेता वीके श्रीरमन (V.K. Sreeraman) ने हाल ही में मलयालम सिनेमा के मेगास्टार ममूटी की 40 साल पुरानी कोंटेसा कार (Contessa Car) से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। श्रीरमन ने ऊटी (Ooty) के अपने एक चौंकाने वाले अनुभव को भी साझा किया, जिसने उनके प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह संस्मरण भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर और कलाकारों के आपसी संबंधों पर एक अनूठी रोशनी डालता है।
धार्मिक बयानों पर गरमाई राजनीति और मेरठ का सियासी भूचाल
दूसरी ओर, देश के राजनीतिक क्षितिज पर धार्मिक बयानों को लेकर घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से जुड़ा एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि पहले अयोध्या में 'जय श्रीराम' बोलने पर रोक थी, लेकिन आज वहां फूलों की बारिश होती है। इसके अलावा, बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के 'श्रीराम के 5 पिता' वाले कथित बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस बयानबाजी के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भी सियासी भूचाल देखने को मिला है, जहाँ समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को एक ज्ञापन सौंपा है।











