वैश्विक भू-राजनीति में बड़ा भूचाल: अमेरिका और इजरायल के संबंधों पर सवाल
'द फ्रीलेंस' के लिए विशेष खोजी रिपोर्ट। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पश्चिम एशिया से लेकर वाशिंगटन तक भूचाल ला दिया है। अमेरिका द्वारा इजरायल को मिलने वाली वार्षिक सैन्य सहायता में लगभग 4 अरब डॉलर की भारी कटौती करने या इसे पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया गया है। यह घोषणा किसी और ने नहीं, बल्कि अमेरिका के कद्दावर नेता और पुनः सत्ता में वापसी कर रहे डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई है, जिसे लेकर राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं।
ट्रंप का चौंकाने वाला ऐलान: क्या नेतन्याहू को मिला बड़ा झटका?
प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को दी जाने वाली 4 अरब डॉलर की सहायता राशि को इसी साल से बंद करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप की घनिष्ठ मित्रता को लंबे समय से अमेरिका-इजरायल संबंधों की धुरी माना जाता रहा है। ऐसे में, ट्रंप का यह कदम क्या उनके पुराने मित्र को कोई रणनीतिक संदेश है या इसके पीछे कोई गहरी कूटनीतिक चाल छिपी हुई है? मीडिया हलकों में इसे 'दोस्त नेतन्याहू को ट्रंप का धोखा' या एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
भारत और इजरायल की रणनीतिक साझेदारी पर टकटकी
एक तरफ जहां अमेरिकी फंडिंग में कटौती की चर्चा जोरों पर है, वहीं दूसरी तरफ भारत और इजरायल के बीच गुप्त व सामरिक सहयोग को लेकर भी दुनिया भर में सुगबुगाहट तेज हो गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक महाशक्तियों के समीकरण बदलने से भारत और इजरायल के द्विपक्षीय संबंधों पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। विशेषकर रक्षा तकनीक, खुफिया साझाकरण और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देश एक नए मुकाम पर पहुंच रहे हैं, जिस पर वैश्विक ताकतों की पैनी नजर बनी हुई है।












