द फ्रीलांस खोजी रिपोर्ट: मौसम का मिजाज और नया चक्रवातीय संकट
देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बंगाल की खाड़ी में उठ रहे नए चक्रवाती तूफान ने प्रशासनिक तंत्र और मौसम विभाग की नींद उड़ा दी है। विभिन्न मीडिया स्रोतों और जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, यह नया चक्रवात तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर देश के लगभग एक दर्जन से अधिक राज्यों पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो इस चक्रवाती प्रभाव के चलते हवा की गति 50 से 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो कि जनजीवन को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त है।
ओडिशा में बाढ़ और चक्रवात 'अर्नब' का प्रभाव
'द फ्रीलांस' की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन टीम को मिले इनपुट के मुताबिक, चक्रवात 'अर्नब' के शुरुआती असर ने पूर्वी तटीय राज्यों में तबाही मचानी शुरू कर दी है। विशेष रूप से ओडिशा के तीन जिलों में गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां लगभग 62 हजार लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण अभियानों में बाधा आ रही है। बंगाल की खाड़ी में बना यह कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे एक गंभीर चक्रवात का रूप लेता जा रहा है, जिसकी आशंका 2 नवंबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तटों से टकराने की है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत 14 राज्यों में अलर्ट
इस चक्रवाती सिस्टम का दायरा केवल तटीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर मध्य भारत और उत्तर भारत के राज्यों पर भी पड़ रहा है। मध्य प्रदेश (MP), उत्तर प्रदेश (UP) और राजस्थान जैसे राज्यों में अचानक मौसम बदला है, जहां तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग ने देश के करीब 13 से 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। किसानों की पकी हुई फसलें इस बेमौसम बारिश और आंधी की चपेट में आ सकती हैं, जिससे कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।












