प्राकृतिक आपदा का विकराल रूप: आधे भारत पर साइक्लोन अर्नब का शिकंजा
'द फ्रीलेंस' के विशेष खोजी दल और मौसम विभाग से प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप पर एक अत्यंत गंभीर प्राकृतिक संकट मंडरा रहा है। 'साइक्लोन अर्नब' नामक इस चक्रवाती तूफानी सिस्टम ने देश के एक बड़े भूभाग को अपनी आगोश में ले लिया है। अंतरिक्ष से ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में इस चक्रवात का जो डरावना मंजर दिखाई दे रहा है, उसने आपदा प्रबंधन एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। यह सिस्टम न केवल तटीय इलाकों बल्कि देश के आंतरिक हिस्सों तक अपनी भारी पहुंच बना चुका है, जिससे व्यापक स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और समुद्र की आक्रामकता
प्राप्त जमीनी रिपोर्टों के मुताबिक, इस महाचक्रवात के केंद्र में हवाओं की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई है। इस भयंकर वेग से चल रही हवाओं ने रास्ते में आने वाले हर अवरोध को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र का जलस्तर असाधारण रूप से बढ़ गया है, जिसकी वजह से कई तटीय सड़कें समुद्र में समा चुकी हैं। तेज लहरों के तांडव से कई कच्चे और पक्के मकान धराशायी हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों को मलबे में फंसे लोगों को निकालने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। संचार और बिजली के पोल उखड़ने से प्रभावित क्षेत्रों का संपर्क भी दुनिया के बाकी हिस्सों से कट गया है।










