'द फ्रीलेंस' विशेष खोजी रिपोर्ट: सिनेमा के इतिहास में नया मील का पत्थर
सिनेमा जगत के गलियारों में इन दिनों सबसे बड़ा और गूंजता हुआ नाम नितेश तिवारी निर्देशित फिल्म 'रामायण' है। लगभग 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट के साथ बन रही इस फिल्म ने निर्माण के शुरुआती चरण से ही वैश्विक स्तर पर हलचल मचा रखी है। 'द फ्रीलेंस' की विशेष इन्वेस्टिगेटिव टीम ने इस मेगा-प्रोजेक्ट के विभिन्न पहलुओं, इसके तकनीकी इस्तेमाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही प्रतिक्रियाओं की गहराई से पड़ताल की है।
AI के इस्तेमाल पर निर्देशक नितेश तिवारी का स्पष्टीकरण
हाल ही में सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि 4000 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली इस फिल्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए निर्देशक नितेश तिवारी ने पूरी सच्चाई सामने रखी है। हमारी खोजी टीम के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिल्म की भव्यता और दृश्यों को जीवंत बनाने के लिए वीएफएक्स और आधुनिक तकनीकों का सहारा जरूर लिया गया है, लेकिन रचनात्मक अखंडता और मूल भावनाओं से कोई समझौता नहीं किया गया है। निर्माताओं का मुख्य उद्देश्य भारतीय पौराणिक कथा को वैश्विक मानकों के अनुकूल प्रस्तुत करना है, जिसमें मानवीय अभिनय और तकनीक का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा।
अमेरिका में ग्रैंड प्रीमियर और रणबीर-यश की केमिस्ट्री
फिल्म रिलीज से पहले ही इसके प्रचार और प्रीमियर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं। हाल ही में अमेरिका में आयोजित हुए 'रामायण' के ग्रैंड प्रीमियर ने विदेशी दर्शकों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस विशेष स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म के मुख्य कलाकारों, विशेषकर रणबीर कपूर और यश की बॉन्डिंग ने महफिल लूट ली। दोनों कलाकारों के बीच तालमेल और स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर दर्शकों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। हालांकि, शुरुआती रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। जहां एक तरफ रणबीर कपूर के अभिनय की सराहना हो रही है, वहीं कुछ दर्शकों और समीक्षकों ने कथा के प्रस्तुतिकरण और तकनीकी प्रयोगों पर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं भी दर्ज कराई हैं, जो कि किसी भी मेगा-बजट फिल्म के लिए स्वाभाविक है।











