हॉलीवुड के गलियारों में कुछ ही ऐसे कलाकार होते हैं जो समय के साथ और अधिक प्रासंगिक होते चले जाते हैं। ऑस्कर विजेता अभिनेत्री ऐनी हैथवे (Anne Hathaway) का नाम इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर आता है। 'द प्रिंसेस डायरी' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली इस अभिनेत्री ने जिस प्रकार खुद को कॉमेडी, ड्रामा और साइंस-फिक्शन जैसी विभिन्न शैलियों में ढाला है, वह किसी अध्ययन का विषय है। 'द फ्रीलेंस' की इस विशेष खोजी रिपोर्ट में हम उनके करियर के उन पहलुओं को खंगाल रहे हैं जो पर्दे के पीछे की मेहनत और उनकी वैश्विक छवि को बयां करते हैं।
शुरुआती संघर्ष और कलात्मक मोड़
ऐनी हैथवे का प्रारंभिक सफर आसान नहीं था। एक बाल कलाकार और युवा अभिनेत्री के रूप में उन्हें अक्सर टाइपकास्ट किए जाने का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने वर्ष 2008 की फिल्म 'रेचल गेटिंग मैरिड' में अपने अभिनय से आलोचकों को यह बता दिया कि वे केवल एक कमर्शियल स्टार नहीं, बल्कि एक गंभीर चरित्र अभिनेत्री भी हैं। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) के लिए नामांकित किया गया था। हमारे विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि यही वह मोड़ था जिसने हॉलीवुड में उनके प्रति देखने के नजरिए को पूरी तरह बदल दिया।
'लेस मिजरेबल्स' और वैश्विक पहचान
वर्ष 2012 में आई फिल्म 'लेस मिजरेबल्स' (Les Misérables) में फैंटाइन की भूमिका ने ऐनी हैथवे को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी। इस भूमिका के लिए उन्होंने न सिर्फ शारीरिक रूप से अत्यधिक वजन घटाया, बल्कि अपनी गायकी से भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री के ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 'द फ्रीलेंस' की जांच के अनुसार, इस सफलता के बाद हॉलीवुड में उनके पारिश्रमिक और स्क्रिप्ट चयन के मानदंड पूरी तरह बदल गए, जिससे वे उद्योग की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं।













