'द फ्रीलेंस' स्पेशल इन्वेस्टिगेटर रिपोर्ट
भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिनी जा रही नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' इन दिनों सुर्खियों के केंद्र में है। लगभग 4000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट और स्टार-स्टडेडकास्ट से सजी इस फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों के बीच मिली-जुली और बेहद उत्सुक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच, रामानंद सागर की पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' में 'लक्ष्मण' का अमर किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता सुनील लहरी का बयान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने नई 'रामायण' में अभिनेता रवि दुबे द्वारा निभाए जाने वाले लक्ष्मण के किरदार पर अपनी दो टूक राय रखी है।
हमारे खोजी दल और मीडिया स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनील लहरी ने रवि दुबे के लुक और अभिनय पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। लहरी का मानना है कि आज के दौर के कलाकार तकनीकी रूप से भले ही आगे हों, लेकिन पौराणिक पात्रों की वह मूल मासूमियत और गहराई, जो 39-40 साल पहले उनके निभाए गए किरदार में दिखती थी, उसे पर्दे पर उतारना एक बड़ी चुनौती है। सुनील लहरी की 39 साल पुरानी तस्वीरों के साथ उनकी इस तुलना ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। पुराने दौर के कलाकारों की संवेदनशीलता और आज के कलाकारों की आधुनिक प्रस्तुति के बीच का यह अंतर अब चर्चा का मुख्य बिंदु बन गया है।
दूसरी ओर, बड़े पर्दे पर आ रही इस मेगा बजट 'रामायण' को लेकर जनता और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स का उत्साह भी चरम पर है। आशीष चंचलानी जैसे लोकप्रिय क्रिएटर्स ने फिल्म को ब्लॉकबस्टर करार देते हुए इसके वीएफएक्स और विशेष रूप से जटायु फाइट सीन की जमकर तारीफ की है। उनका कहना है कि यह दृश्य इतने भावुक और प्रभावशाली हैं कि दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। इसके अलावा, रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी के अभिनय को लेकर भी बॉक्स ऑफिस पर सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दे रहा है।
हमारी तहकीकात यह दर्शाती है कि जहाँ एक तरफ पुरानी पीढ़ी के कलाकार आज भी अपनी कला के मूल स्वरूप और मर्यादा को लेकर सतर्क हैं, वहीं नई पीढ़ी सिनेमाई तकनीक और भव्यता के सहारे महाकाव्य को एक नया आयाम दे रही है। रवि दुबे के किरदार पर सुनील लहरी की टिप्पणी केवल एक अभिनेता की आलोचना नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक जिम्मेदारी की याद दिलाती है जो भारतीय पौराणिक कथाओं को पर्दे पर जीवंत करते समय हर कलाकार पर होती है। 'द फ्रीलेंस' इस बहुचर्चित फिल्म और इससे जुड़े हर विवाद पर पैनी नजर बनाए रखेगा।












