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एक साल का सन्नाटा और पुलिस की सुस्ती
हरियाणा के हिसार से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी 16 वर्षीय बहन हर्षिता सोनी के लिए न्याय की गुहार लगा रहा है, जो पिछले एक साल से लापता है। हर्षिता की गुमशुदगी का मामला न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। एक साल का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
सामाजिक सुरक्षा और नागरिक सतर्कता
यह घटना समाज में बढ़ते अपराधों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। जब कोई नाबालिग लापता होता है, तो शुरुआती 48 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि एक साल बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है, तो यह स्पष्ट है कि जांच में या तो गंभीर लापरवाही बरती गई है या फिर संसाधनों का अभाव है। नागरिक सतर्कता के लिहाज से देखें तो ऐसे मामलों में स्थानीय समुदाय की सक्रियता और पुलिस के साथ बेहतर तालमेल की आवश्यकता होती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो इस बात का प्रमाण है कि जब सिस्टम विफल होता है, तो आम नागरिक न्याय के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेने को मजबूर हो जाता है।






