पंचकूला स्कूल कांड: जब मासूमियत पर चला क्रूरता का पहरा
हरियाणा के पंचकूला से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश के शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और बाल मनोविज्ञान पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। 'द फ्रीलांस' की विशेष खोजी रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के परिसर के भीतर तीसरी कक्षा के लगभग 8 वर्षीय छात्र ने नर्सरी-केजी की एक मासूम बच्ची पर अत्यंत क्रूरता के साथ ईंट और गमलों से हमला कर दिया। यह घटना न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर इतनी कम उम्र के एक बच्चे के भीतर इतनी हिंसा कहां से आई।
खौफनाक मंजर और आरोपी बच्चे का बयान
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, हमलावर छात्र ने बच्ची को तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वह पूरी तरह बेहोश नहीं हो गई। बेहोश होने के बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। घटना के दौरान जो सामने आया, वह और भी ज्यादा विचलित करने वाला था। बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपी छात्र ने मासूम के पिता से अत्यंत निर्ममता से कहा, 'अंकल, वो ऊपर है…'। इस खौफनाक वाक्य ने स्कूल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है कि आखिर स्कूल समय में बच्चों की सुरक्षा के लिए तैनात स्टाफ कहां था।
मौत को दी मात, पर मानसिक आघात गहरा
गंभीर रूप से घायल इस नन्ही बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और परिजनों की प्रार्थनाओं के बल पर उसने मौत को मात दे दी। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, लंबी और दर्दनाक चिकित्सीय प्रक्रिया के बाद बच्ची अस्पताल से अपने घर लौट आई है और उसने मां की गोद में पहली बार खिचड़ी खाई। हालांकि, शारीरिक चोटों से उबरने के बावजूद इस मासूम के कोमल मन पर जो गहरे जख्म लगे हैं, उन्हें भरना आसान नहीं होगा। इस घटना ने समाज के हर वर्ग को झकझोर कर रख दिया है।









