गाजियाबाद धमाका: सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर नया आतंकी दावा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। गाजियाबाद के घनी आबादी वाले और पॉश इलाकों में शुमार वसुंधरा क्षेत्र की पुलिस चौकी के भीतर हुए संदिग्ध धमाके के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना को लेकर अब एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मोड़ सामने आया है, जहां एक प्रतिबंधित माने जाने वाले आतंकी संगठन ने इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। 'द फ्रीलेंस' की विशेष खोजी रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है और उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्रीय स्तर की खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गई हैं।
सोशल मीडिया अकाउंट 'गाजी 2' से वायरल हुआ दावा
प्राप्त जानकारी और मीडिया सूत्रों के मुताबिक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सक्रिय एक संदेहास्पद सोशल मीडिया हैंडल 'गाजी 2' के माध्यम से वसुंधरा पुलिस चौकी धमाके की जिम्मेदारी ली गई है। इस पोस्ट में 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' (Tereek-ul-Mujahideen Hindustan) नामक संगठन का नाम सामने आया है। इस खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भी अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। हालांकि, पुलिस प्रशासन अभी आधिकारिक तौर पर इस आतंकी एंगल की पुष्टि या खंडन करने से बच रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या यह एक नियोजित आतंकी हमला था?
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए थे और शुरुआती जांच को सामान्य माना जा रहा था। लेकिन अब इस ऑनलाइन दावे के सामने आने के बाद सवाल यह उठ रहा है कि क्या गाजियाबाद जैसी जगह पर पुलिस चौकी को निशाना बनाकर कोई बड़ा आतंकी षड्यंत्र रचा गया था? क्या यह किसी स्लीपर सेल की करतूत है या फिर महज़ दहशत फैलाने का एक मनोवैज्ञानिक प्रयास? साइबर सेल की तकनीकी टीमें उस 'गाजी 2' अकाउंट की लोकेशन और उसे ऑपरेट करने वाले चेहरों को बेनकाब करने के लिए आईपी एड्रेस (IP Address) और डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच कर रही हैं।









