बाजार में चांदी का बढ़ता दबदबा
'द फ्रीलेंस' की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में बहुमूल्य धातुओं के बाजार में चांदी (वेन्डी) ने एक नया मुकाम हासिल किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और औद्योगिक क्षेत्रों से मिल रही भारी मांग के कारण चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिल रही है। निवेशकों का रुझान अब सोने के साथ-साथ चांदी की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे बाजार विश्लेषक एक दीर्घकालिक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
औद्योगिक मांग और हरित ऊर्जा की भूमिका
खोजी पड़ताल से यह स्पष्ट होता है कि चांदी की इस तेजी के पीछे केवल पारंपरिक आभूषण बाजार ही नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग भी एक बड़ी वजह हैं। सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है। दुनिया भर में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) की ओर बढ़ते कदमों के कारण औद्योगिक स्तर पर चांदी की खपत में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। आपूर्ति और मांग के इस असंतुलन ने कीमतों को नए रिकॉर्ड स्तर पर धकेल दिया है।
निवेशकों का नया पसंदीदा विकल्प
आर्थिक मोर्चे पर मुद्रास्फीति और करेंसी के अवमूल्यन से बचने के लिए निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। ऐसे में चांदी ने सोने के विकल्प के रूप में खुद को मजबूती से स्थापित किया है। खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत फंड्स तक, सभी ने चांदी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। सराफा बाजारों में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार भारी हलचल बनी हुई है, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह रुझान और अधिक तीव्र हो सकता है।











