'द फ्रीलेंस' स्पेशल रिपोर्ट: मौसम की चाल और बदलता तापमान
देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। 'द फ्रीलेंस' की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के महीने में ही मौसम के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पहाड़ों पर हुई बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में सिहरन पैदा कर दी है, वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी और तीखी धूप का असर अभी भी बरकरार है। मौसम विभाग के आंकड़ों और हमारे फील्ड संवाददाताओं से मिले इनपुट के आधार पर यह साफ हो गया है कि इस बार सर्दियों की शुरुआत असामान्य तरीके से हो रही है।
राजधानी दिल्ली में ठंड का असर, टूटा तीन साल का रिकॉर्ड
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड ने समय से पहले ही अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में तापमान गिरकर 15.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिसने पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अक्टूबर के मध्य में पारे का इस तरह लुढ़कना मौसम वैज्ञानिकों के लिए भी अध्ययन का विषय बना हुआ है। सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है, जो सामान्य से अधिक तेजी से बदलते मौसम की ओर इशारा करता है।
पहाड़ों की बर्फबारी का मैदानी राज्यों पर असर
हिमाचल प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी का सीधा असर पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पर देखने को मिल रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों से आ रही सर्द हवाओं ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रह सकता है, लेकिन न्यूनतम तापमान में आई यह गिरावट सर्दियों के कड़े तेवर का संकेत दे रही है। इसके विपरीत, राजस्थान के कई हिस्सों में अभी भी गर्मी और उमस का दौर जारी है, जहां दिन का पारा 38 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा रहा है, जबकि माउंट आबू जैसी जगहों पर रातें ठंडी होने लगी हैं।










