जयपुर: 'द फ्रीलेंस' के लिए विशेष खोजी रिपोर्ट। राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत राज्य के बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक एक नाटकीय और चिंताजनक मोड़ ले लिया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली मौसमी हलचलों के बीच, 'अर्नब' (Arnab) चक्रवाती तूफान का असर अब उत्तर-पश्चिम भारत के मरुस्थलीय राज्य पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग और हमारे फील्ड सूत्रों से प्राप्त ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस चक्रवाती प्रभाव के चलते जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर और अजमेर सहित राज्य के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
करवा चौथ के पावन पर्व पर बादलों का पहरा
एक तरफ जहां सुहागिनें अपने अखंड सौभाग्य के लिए करवा चौथ के व्रत का पूरे दिन विधि-विधान से पालन कर रही हैं, वहीं मौसम की इस बेरुखी ने व्रत और चांद के दीदार के बीच संशय की स्थिति पैदा कर दी है। जयपुर संभाग समेत पांच प्रमुख संभागों में आसमान घने बादलों की आगोश में है। मौसम विभाग का कहना है कि बादलों की यह मोटी चादर और हल्की से मध्यम बारिश करवा चौथ के चांद के दीदार में सबसे बड़ी बाधा बन सकती है। महिलाओं को रात के समय चांद निकलने के तय वक्त पर बादलों के छंटने का इंतजार करना पड़ सकता है।
पारा लुढ़का, अचानक बढ़ी रात की सर्दी
खोजी पत्रकारिता के तहत जब हमने तापमान और मौसमी आंकड़ों की गहराई से पड़ताल की, तो यह तथ्य सामने आया कि इस चक्रवात के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटों में रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है और न्यूनतम पारा गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। अक्टूबर माह के मध्य में ही महसूस हो रही इस अचानक सर्दी ने मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है। तेज हवाओं के साथ चल रही इन सर्द हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।











