'द फ्रीलेंस' स्पेशल रिपोर्ट: मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे के कारण
देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। 'द फ्रीलेंस' के खोजी डेस्क द्वारा जुटाए गए आंकड़ों और मीडिया स्रोतों के विश्लेषण के अनुसार, चक्रवात 'मुरासु' (Murasu) का प्रभाव देश के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस मौसमी उथल-पुथल ने एक तरफ जहां मध्य भारत के राज्यों में आंधी और बारिश का संकट पैदा कर दिया है, वहीं उत्तर भारत में ठंड की आहट के साथ प्रदूषण और कोहरे की दोहरी मार शुरू हो गई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'मुरासु' का तांडव
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवात 'मुरासु' के असर से मध्य प्रदेश के कई प्रमुख संभागों जैसे जबलपुर, इंदौर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम में 5 नवंबर तक आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार यह बेमौसम बारिश फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। ठीक ऐसा ही हाल पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ का है, जहां चक्रवात के प्रभाव के चलते 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट और झमाझम बारिश के स्पष्ट आसार बने हुए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश और पंजाब में ठंड, कोहरा और प्रदूषण
दूसरी ओर, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर थमने के बाद अब ठंड ने तेजी से दस्तक दे दी है। राज्य के 10 से अधिक शहरों में सुबह के समय घना कोहरा छाने लगा है और रात के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। बात अगर पंजाब की करें, तो वहां का मौसम आज शुष्क बना हुआ है, लेकिन लुधियाना और पटियाला जैसे औद्योगिक शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है। यहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार पहुंच गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है। आगरा और अन्य शहरों में भी सुबह की धुंध और ठंडक ने सर्दियों के आगमन की घोषणा कर दी है।










