'अर्नब' चक्रवात का उत्तर प्रदेश में प्रवेश
'The FreeLance' की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और तटीय क्षेत्रों में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अब उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। शुक्रवार से शुरू हुए मौसम के इस मिजाज ने राज्य के पूर्वी और मध्य जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग और हमारे फील्ड स्रोतों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, काशी (वाराणसी), प्रयागराज, अयोध्या और गोरखपुर समेत लगभग 45 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो चुका है।
काशी से अयोध्या तक मौसम का हाल
संपादकीय टीम द्वारा जुटाई गई प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, वाराणसी और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान काले बादलों से घिरा हुआ है। वहीं, धार्मिक नगरी अयोध्या में मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। यहाँ तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रयागराज में हुई झमाझम बारिश के बाद पारे में अचानक 6.6 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तापमान लुढ़क गया है और प्रदेश में आधिकारिक तौर पर ठंड की जोरदार आहट महसूस की जाने लगी है।
किसानों की बढ़ी चिंता और प्रशासन की तैयारी
इस बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि की चेतावनी ने अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ओले गिरते हैं और तेज हवाएं चलती हैं, तो खेतों में खड़ी धान और अन्य खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। इस संबंध में 'The FreeLance' के संवाददाताओं ने जब स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया, तो पता चला कि सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन इकाइयों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।











