अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के हालिया फैसलों और वैश्विक क्रिकेट परिदृश्य में चल रही हलचल ने खेल प्रेमियों और विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 'द फ्रीलांस' के विशेष अनुसंधान में सामने आया है कि आईसीसी एक तरफ जहां एसोसिएट देशों में क्रिकेट के विस्तार पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ गवर्निंग बॉडी के फैसलों पर खिलाड़ियों के संघ द्वारा सवाल उठाए जाने से प्रशासनिक मोर्चे पर तनाव बढ़ता दिख रहा है।
नेपाल में ऐतिहासिक विश्व कप क्वालीफायर प्लेऑफ का ऐलान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगामी दिसंबर माह में नेपाल की धरती पर आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर प्लेऑफ का आयोजन किया जाएगा। इस बाबत शेड्यूल की घोषणा कर दी गई है, जो 2027 के आगामी विश्व कप के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है। नेपाल में क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और वहां के जुनूनी प्रशंसकों को देखते हुए आईसीसी का यह निर्णय एशियाई क्रिकेट के नक्शे पर एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह मुकाबला कई उभरती टीमों के लिए विश्व कप तक का सफर तय करने का द्वार खोलेगा।
वर्ल्ड कप फॉर्मेट बदलाव पर उठे गंभीर सवाल
एक तरफ जहां एसोसिएट नेशन्स के लिए अच्छी खबरें आ रही हैं, वहीं वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) ने एक दिवसीय विश्व कप (ODI World Cup) के फॉर्मेट में किए गए बदलावों को लेकर आईसीसी से कड़े सवाल पूछे हैं। खिलाड़ियों के अधिकारों और खेल के भविष्य का प्रतिनिधित्व करने वाले इस संगठन का मानना है कि इस तरह के बदलावों से खिलाड़ियों के कार्यभार और एसोसिएट-फुल मेंबर के बीच संतुलन पर असर पड़ सकता है। इस प्रशासनिक गतिरोध पर 'द फ्रीलांस' की पैनी नजर बनी हुई है।













