अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मध्य-पूर्व की राजनीति में इस समय भूचाल आया हुआ है। 'द फ्रीलेंस' के खोजी डेस्क द्वारा जुटाए गए विभिन्न मीडिया स्रोतों और खुफिया जानकारियों के मुताबिक, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का राजनीतिक और कानूनी भविष्य गहरे संकट में घिरता नजर आ रहा है। देश के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और भ्रष्टाचार के मामलों के बीच यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि क्या नेतन्याहू को जेल की हवा खानी पड़ सकती है?
नेतन्याहू का राजनीतिक भविष्य और आइजनकोट की चर्चा
हालिया राजनीतिक विश्लेषणों और अंदरूनी सूत्रों की खबरों के अनुसार, इजराइल की सियासत में गदि आसीन नेतृत्व के विकल्प के रूप में गदी पर गादी एसेन गडी आइजनकोट (Gadi Eizenkot) का नाम तेजी से उभर रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा आम हो चुकी है कि क्या आइजनकोट का अगला इजराइली प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही, इजराइल की संसद (नेसेट) के समीकरणों में एक और ऐतिहासिक बदलाव की आहट है, जहां अरब पार्टियों के सत्ता में आने या निर्णायक भूमिका निभाने की संभावनाओं पर मंथन चल रहा है। यदि ऐसा होता है, तो इजराइल की घरेलू और विदेश नीति में एक अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल सकता है।
ईरान पर हमले की कथित योजना और ट्रम्प का हस्तक्षेप
खोजी रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल की सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव से ठीक पहले बेंजामिन नेतन्याहू कथित तौर पर ईरान पर एक बड़े सैन्य हमले को अंजाम देना चाहते थे। इस संदर्भ में मोसाद के चीफ के साथ मिलकर एक गुप्त प्लान भी तैयार किया गया था। हालांकि, समय रहते इस योजना की भनक अमेरिका (तत्कालीन या नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प) को लग गई, जिसके बाद कथित तौर पर इस हमले को टाल दिया गया या रोक दिया गया। यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि मध्य-पूर्व में तनाव का पारा किस हद तक उफान पर था।











