विवादों के बीच महाकाव्य का उदय
भारतीय सिनेमा के इतिहास में 'रामायण' जैसे महाकाव्य को पर्दे पर उतारना हमेशा से ही एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है। रणबीर कपूर और साई पल्लवी अभिनीत फिल्म 'रामायण' के निर्माण के दौरान इसे कई विवादों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रिलीज से पूर्व फिल्म की कास्टिंग, पटकथा और पौराणिक तथ्यों के चित्रण को लेकर सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक बहस छिड़ी रही। हालांकि, इन तमाम बाधाओं को पार करते हुए फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी है।
बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक प्रदर्शन
फिल्म के रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, 'रामायण' ने अपने पहले ही दिन कमाई के मामले में 'एनिमल', 'पठान' और 'केजीएफ 2' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। विभिन्न मीडिया सूत्रों के मुताबिक, फिल्म का पहले दिन का कलेक्शन 65 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक नया बेंचमार्क है। यह सफलता न केवल फिल्म की स्टार पावर को दर्शाती है, बल्कि दर्शकों के बीच इस महाकाव्य को देखने की उत्सुकता को भी प्रमाणित करती है।
कला और तकनीक का संगम
फिल्म की समीक्षाओं पर गौर करें तो रणबीर कपूर की मर्यादा और यश के रौद्र रूप ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। फिल्म के वीएफएक्स (VFX) की भव्यता और संगीत ने कहानी को एक नया आयाम दिया है। आलोचकों का मानना है कि तकनीकी रूप से यह फिल्म भारतीय सिनेमा के स्तर को वैश्विक मानकों के करीब ले जाती है। संवादों की गंभीरता और दृश्यों की भव्यता ने फिल्म को एक 'विजुअल ट्रीट' बना दिया है, जिसने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में बड़ी भूमिका निभाई है।













