नई दिल्ली: द फ्रीलेंस की विशेष खोजी रपट। भारतीय शेयर बाजार इन दिनों एक अजीब विरोधाभास के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ दलाल स्ट्रीट पर उत्सव का माहौल है, सेंसेक्स 440 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर नई ऊंचाइयों को छू रहा है, और निफ्टी भी 23,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है। इस तूफानी तेजी के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ देश का सबसे बड़ा निजी ऋणदाता HDFC बैंक और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों की मुख्य भूमिका रही है। निवेशकों के चेहरे खिले हुए हैं और बाजार में जबरदस्त लिवाली देखी जा रही है।
लेकिन, इस चमकदार वित्तीय तस्वीर के ठीक पीछे एक ऐसी गहरी छाया मंडरा रही है, जो निवेशकों की नींद उड़ाने के लिए काफी है। 'द फ्रीलेंस' की खोजी टीम द्वारा जुटाई गई ग्राउंड रिपोर्ट्स और अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, HDFC बैंक के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बाजार में बैंक के शेयरों की कीमतें भले ही उछाल भर रही हों, लेकिन कॉर्पोरेट गलियारों में उथल-पुथल मची हुई है।
वरिष्ठ अधिकारियों का लगातार इस्तीफा
हाल ही में मिली पुष्ट जानकारियों के मुताबिक, HDFC बैंक से एक और वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कुछ महीनों में बैंक के शीर्ष और मध्यम प्रबंधन स्तर पर यह कोई पहला मामला नहीं है। लगातार हो रहे इन इस्तीफे ने वित्तीय विश्लेषकों को चिंता में डाल दिया है। हालांकि बैंक प्रबंधन की ओर से इसे सामान्य संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है, लेकिन अंदरखाने की खबरें कुछ और ही इशारा करती हैं। इन झटकों का असर बैंक के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां एक ओर व्यापक बाजार में तेजी है, वहीं आंतरिक खबरों के चलते शेयरों में बीच-बीच में बिकवाली और गिरावट दर्ज की जा रही है।
गोपनीय जानकारी लीक होने के गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब बिज़नेस स्टैंडर्ड सहित अन्य प्रतिष्ठित मीडिया स्रोतों से यह बात सामने आई कि HDFC बैंक में गोपनीय जानकारी (Confidential Information Leak) लीक होने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर बैंक के भीतर आंतरिक जांच (Internal Investigation) तेजी से चल रही है। कॉरपोरेट जगत में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या बैंक की आंतरिक सुरक्षा में कोई बड़ी सेंध लगी है?












